बिलासपुर। चुनावी सरगर्मी के बीच भाजपा की परेशानी बढ़ाने वाला एक बड़ा स्टिंग ऑपरेशन सामने आया है। टीवी9 भारतवर्ष टीवी चैनल में बिलासपुर सांसद लखन लाल साहू ने कथित रूप से सनसनीखेज खुलासा किया कि उन्होंने पिछला चुनाव 15 करोड़ रुपये खर्च करके जीता। वे एक अनजान कम्पनी से इस चुनाव के लिए एक करोड़ रुपया कैश लेने के लिए भी राजी हो गये। टीवी9 भारतवर्ष ने देशभर के 16 सांसदों की ऐसी स्टिंग की है, जिनका यू ट्यूब पर लाइव भी चल रहा है।

सांसद साहू की टिकट इस बार काट दी गई है और उनकी जगह पर बिलासपुर लोकसभा सीट से अरुण साव चुनाव लड़ रहे हैं।


जैसा कि न्यूज चैनल ने खुलासा किया है यह स्टिंग ऑपरेशन नई दिल्ली स्थित सांसद लखन लाल साहू के निवास पर किया गया है। इस बार साहू को भाजपा ने टिकट नहीं दी है, पर वे लोकसभा चुनाव में खर्च करने के लिए कालेधन को लेने के लिए राजी दिखाई दे रहे हैं। टीवी9 के स्टिंग ऑपरेशन के मुताबिक साहू ने अपने बेटे और खुद की गाड़ी से काले धन के परिवहन की बात कबूली है। खुद की गाड़ी का इस्तेमाल वे इसलिये करते हैं क्योंकि उनको रोककर चेक करने की कोई हिम्मत नहीं करता है। इस तरह से मिले चुनावी चंदे को अपने दिल्ली के आवास पर ही बंद कमरे में रखते हैं, जहां तक किसी की पहुंच नहीं है। यह भी कहा है कि 2000 से ज्यादा बूथ हैं, हर बूथ में 25 हजार रुपये से ज्यादा खर्च होते हैं, यही सबसे बड़ा खर्च है। प्रचार के दौरान अलग-अलग सामाजिक संगठन किसी-किसी काम के लिए रुपये मांगते हैं, जितना मांगते हैं, उससे थोड़ा कम करके दे देते हैं। सबसे ज्यादा खर्च रुपये बांटने, गाड़ियां दौड़ाने और बूथ के कार्यकर्ताओं को मैनेज करने में ही खर्च होता है। वे कथित रूप से यह भी बता रहे हैं कि जगह-जगह तलाशी के चलते शराब का परिवहन नहीं हो पाता है। पिछले विधानसभा चुनाव में 11 सौ पेटी शराब लाकर हम लोगों ने रखा था लेकिन एक बोतल नहीं बांट पाये। वे यह भी बता रहे हैं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की रैली होती है तो बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती है। पिछली बार एक करोड़ 10 लाख रुपये खर्च करने पड़े थे।

टीवी9 की पोस्ट में साहू यह भी कहते हुए दिखाई दे रहे हैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को सीएम और पीएम के बीच का अंतर नहीं मालूम है। पहली बार बने हैं, देश चलाना अलग बात है। नोटबंदी से व्यापारी ज्यादा नाराज हैं, बनिस्बत जीएसटी के। पता नहीं क्यों किया कुछ अधिकारियों ने उनको सलाह दी होगी। साहू इस बात के लिए भी तैयार हो गये कि इस काले धन के मिलने पर वे संसद में उनके मनमुताबिक सवाल उठा देंगे।

टीवी9 भारतवर्ष की ओर से दावा किया गया है कि उनके रिपोर्टरों ने खुफिया कैमरे से यह सब कैद किया है। वे अपने आपको ऐसी कम्पनी का प्रतिनिधि बताकर साहू से मिले जो चुनाव के लिए फंडिंग करती है।

टीवी9 भारतवर्ष ने अपने  स्टिंग ऑपरेशन में सभी दलों को शामिल किया। इनमें  भाजपा सासंद फग्गन सिंह कुलस्ते, उदितराज, रामदास तड़स, बहादुर कोली के साथ मधेपुरा से सांसद पप्पू यादव, कांग्रेस सांसद एमके राघवन, महाबल मिश्रा, राजद सांसद सरफ़राज़ आलम, गोरखपुर से सपा सांसद प्रवीण निषाद, फुलपूर से सपा सांसद नागेंद्र पटेल, लोजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के भाई रामचंद्र पासवान और आम आदमी पार्टी सांसद साधू सिंह समेत करीब 16 लोग शामिल हैं। ये सभी सांसद आपराधिक और अनैतिक तरीकों से चुनाव जीतने और काला धन लेने की बात कबूल करते पाए गए हैं।

 

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